वीडियो : महिला नागा साधु और कपडे न पहनने का अद्भुत रहस्य⁠⁠⁠⁠!

आपने नागा साधुओ के बारे में तो सुना ही होगा पर आपको जानकार आश्चर्य होगा की महिला नागा साधुओ की ज़िन्दगी भी काम रोचक नहीं है। उन्हें भी घोर तपस्या से गुजरना पड़ता है तभी जा कर वो नागा साधु बन पाती है।




आज की वीडियो में हम आपको बतायेंगे महिला नागा साधुओं से जुड़ी हुई रोचक बातें। सन्यासिन बनने से पहले महिला को 6 से 12 साल तक कठिन ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। इसके बाद गुरु यदि इस बात से संतुष्ट हो जाते हैं कि महिलाब्रह्मचर्यका पालनकर सकती है तो उसे दीक्षा देते हैं। महिला नागा सन्यासिन बनाने से पहले अखाड़े के साधु-संत महिला के घर परिवार और पिछले जीवन की जांच-पड़ताल करते हैं।

महिला को भी नागा सन्यासिन बनने से पहले स्वंयं का पिंडदान और तर्पण करना पड़ता है। जिस अखाड़े से महिला सन्यास की दीक्षा लेना चाहती है, उसके आचार्य महामंडलेश्वर ही उसे दीक्षा देते हैं। महिला को नागा सन्यासिन बनाने से पहले उसका मुंडन किया जाता है और नदी में स्नान करवाते हैं। महिला नागा सन्यासिन पूरा दिन भगवान का जप करती है। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठना होता है। इसके बाद नित्य कर्मो के बाद शिवजी का जप करती हैंं, दोपहर में भोजन करती हैंं और फिर से शिवजी का जप करती हैंं।